Motivation

IAS ऑफिसर ने 7 की जगह लिए 8 फेरे, नौकरी के दौरान कभी रिश्वत न लेने की खाई क़सम

UPSC (Union Public Service Commission) की परीक्षा को अपने आप में सबसे कठिन और कड़ा एग्जाम माना जाता है | ऐसा कहा जाता है कीं अगर इंसान ठान ले तो वो दुनिया में कुछ भी कर गुजर सकता है | असंभव (impossible) की भी एक न एक दिन शुरुआत करनी ही पड़ती है | और …

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किसान की बेटी ने IAS परीक्षा में टॉपर बन किया कमाल, मिला 23वां रैंक, मां-बाप का नाम रोशन किया

पच्चीस वर्षीय तपस्या परिहार ने जब यूपीएससी की परीक्षा में 990 चयनित उम्मीदवारों में से 23वां रैंक हासिल किया तो पूरा इलाका झूम उठा। एक किसान की युवा बेटी मध्य प्रदेश के जोवा के अविकसित गाँव से है, जिसकी आबादी केवल 800 है और कुल साक्षरता दर 63% है। इस गाँव की अधिकांश लड़कियों को …

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पिता की मौत का दर्द झेला, मां के साथ खेतों पर काम किया, मेहनत ने बदली किस्मत, 19 साल बाद बने IAS

कहते हैं प्रतिभा कभी भी परिस्थितियों की मोहताज नहीं होती हैं. इंसान गरीब हो, दिव्यांग हो, या फिर कच्चे घर में रहता हो. उसकी प्रतिभा को प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता है. प्रतिभाएं तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद निखर कर सामने आती हैं. के. एलमबहावत की कहानी कुछ ऐसी ही है. तमिलनाडु के जिले थनजावूर के …

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महाकाल की नगरी में मां-बेटी का मिलाप: बेटी बिहार के अखबारों में मिसिंग ऐड देती रही और हर जगह तलाश किया, मां भटक कर 1200 किलोमीटर दूर …

महाकाल की नगरी उज्जैन में मां-बेटी का मिलन हुआ। मां बिहार के गया से भटकर 1200 किलोमीटर दूर स्थित उज्जैन आ गई। बेटी बिहार में हर जगह तलाश कर हार गई। वह अखबारों में मिसिंग ऐड देती रही। उज्जैन में के सेवधाम ने उससे संपर्क किया तो वह यहां मां को लेने पहुंच गई। पिता …

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मानवता: कचरों की ढेर में पड़े लोगों को देखकर तरस आई, अब उन्हें मात्र 5 रुपये में उन्हें भरपेट खिलाते हैं

कोई खाना खाने के बाद बचे हुए खाने को फेंक देता हैं तो कोई उस फेंके हुए भोजन को खाने के लिए प्रतीक्षा करता हैं जिसको खा कर वह अपनी भूख खत्म कर सके। भूखे को कोई अगर खाना खिला देता है तो वह इंसान उस भूखे इंसान के लिए भगवान बन जाता है और …

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पिता UPSC नही निकाल पाए, बेटी ने अफसर बन सपना पूरा किया: प्रेरणादायी कहानी

पुराने समय से ही हमारा देश पुरुष प्रधान रहा है। हमारे देश में ज्यादातर लोगों का ऐसा सोचना है कि, एक बेटा ही अपने पिता के सपने को पूरा करता है, पर समय के साथ धीरे-धीरे लोगों की सोच बदलने लगी है और आज के समय की बेटियां भी बेटों से कम नहीं है। बेटियों को …

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नमन! एक एम्बुलेंस ड्राइवर की ये तस्वीर बता रही है कि ये लोग किन हालातों में काम कर रहे हैं

कोरोना की दूसरी लहर के बाद देश भर में स्वास्थ्य व्यवस्था की कमी देखी गई है. इस भयानक महामारी के दौरान लोग अंतिम संस्कार के लिए श्मशानों में जगह पाने के लिए रोते बिलखते देखे गए, इसके साथ ही अस्पतालों में बेड से लेकर दवाओं तक की कमी देखी गई लेकिन इन कमियों के बाद …

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इस गांव ने जो कर दिखाया वो किसी चमत्कार से कम नहीं, हर तरफ़ फैला कोरोना इन्हें छू भी ना पाया

कोरोना की मार देश के हर गांव शहर और कस्बे पर पड़ी है. शहरों के मुकाबले गांवों का हाल ज़्यादा बुरा है क्योंकि ना तो यहां पर शहरों की तरह मेडिकल सुविधाएं हैं और ना ही यहां के लीग कोरोना सुरक्षा नियमों को लेकर इतने जागरुक हैं लेकिन अगर हम यहां यूपी के बरेली स्थित …

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बच्चों को बेहतर परवरिश मिल सके इसलिए तरन्नुम बनाती हैं गाड़ियों के पंचर

जीवन की छोटी-छोटी समस्याएं हमें कुछ भी करने पर मजबूर कर देती हैं। आज हम एक ऐसी महिला की बात करेंगे, जिसने अपने बच्चों का पेट पालने के लिए अपने हाथों में रिंच और हथौड़ा पकर लिया। दरअसल वह महिला उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पंचर बनाने का काम करती हैं। उनकी दुकान छठी मील …

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झोपड़ी से यूरोप तक का सफर, कभी पाई-पाई को थीं मोहताज, फिर 22 हजार महिलाओं को दी ‘नौकरी’

तस्वीर में दिख रही दोनों महिलाएं एक ही हैं। एक फोटो संघर्ष के दिनों की है जबकि दूसरी फोटो अपने काम के दम पर यूरोप की यात्रा की है। तकदीर और तस्वीर बदलने वाली इस महिला का नाम है रूमा देवी, जो बेइंतहा गरीबी में पली-बढ़ी। बाल विवाह का दंश झेला। पाई-पाई को मोहताज हुई, …

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