बिहार पंचायत चुनाव में दिखा लोकतंत्र का कमाल : ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने वाली महिला बनी मुखिया

लोकतंत्र में कुछ कुछ असंभव नहीं है | जनता-जनार्दन यदि चाहे तो अपने मताधिकार के जरिये किसी को आसमान में पंहुचा सकता है और किसी को भी अंगूठा दिखा सकता है | इसका सीधा सा उदहारण हम आपको बताने जा रहे है | जमुई में हाल ही में चुनाव हुआ है | और उसका परिणाम भी जारी कर दिया गया है जिसमे एक मुखिया ऐसी महिला बनी है जो पहले इट भठे पर काम करती थी | जनता ने उनको पंचायत की मुखिया जैसी बड़ी जिम्मेदारी दी है |

दरअसल, जमुई (Jamui) के इस्लामनगर अलीगंज प्रखंड (Islamnagar Aliganj Block) में हुए पंचायत मतदान के दूसरे चरण में वोटों की गिनती हो रही थी. सबकी नजर रेखा देवी नाम की ऐसी महिला पर टिकी थी जो लगभग पिछले 10-12 वर्षों से कभी नरेगा (MGNREGA) तो कभी काम नहीं मिलने पर ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण बड़ी ईमानदारी और मेहनत से करती आ रही थी | बता दे की महिला की मेहनत खूब काम आई और वह अब मुखिया बन गयी है और पंचायत वालो की सेवा करनी चाहती है |

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बता दे की रेखा देवी को 1495 वोट मिले जबकि दूसरे पायदन पर रहीं पावो देवी को 1175 मतों से संतोष करना पड़ा. रेखा देवी के परिवार पति सूलेंदर मांझी और तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं | यह परिवार वर्षों से ईंट भट्ठे पर मेहनत-मजदूरी कर अपना और परिवार का भरण-पोषण करता आ रहा है | मकान के नाम पर इस परिवार के पास एक कच्ची झोपड़ी है. यह परिवार ईंट भट्टे पर ही झोपड़ी में रहता था. चुनाव जीत चुकीं रेखा देवी का कहना है कि अब वे अपने इलाके विकास के लिए भी पूरी मेहनत से काम करेंगी | और अपने पंचायत को एक ऊँचे शिखर तक ले जायेगी |

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