मार्च 2023 तक पटना की सड़कों से हट जाएंगी डीजल बसें, 3 रूटों पर चलने लगीं सीएनजी बसें

बिहार वासियों को प्रदुषण से बचाने के लिए सरकार ने बहुत ही बड़ा फैसला लिया है. बता दे की पटना में लगातार वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है. इसे नियंत्रित करने के लिए सरकार ने तय किया है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट की डीजल वाली सारी बसें सीएनजी वाली बसों में कन्वर्ट कर दी जाएंगी. इसके लिए प्राइवेट बस मालिकों को भी नोटिस दिया जा चुका है. पटना डीटीओ श्रीप्रकाश ने कहा है कि लक्ष्य है कि 2023 तक डीजल मुक्त बस चले इसके मद्देनजर पहली किस्त में 50 सीएनजी बसों का परिचालन शुरू किया गया है फिलहाल पटना के कदमकुआं इलाके सहित तीन रूटों पर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने सीएनजी बसों का परिचालन शुरू कर दिया है.

खबरों की माने तो पटना में पहले सभी ऑटो को सीएनजी में कन्वर्ट किया गया और अब बसों को डीजल मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है. मार्च 2023 तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट को सीएनजी में कन्वर्ट करने का लक्ष्य रखा गया है. आरटीओ को मानना है कि डीजल बसों का परिचालन बंद होने के बाद शहर के AQI लेवल में कमी आएगी. डीजल बस से निकलने वाली कार्बन गैस से लोगों को राहत मिलेगी.

आपको बता दे की बिहार की राजधानी पटना में प्रदूषण से लोग लगातार परेशान हैं. सरकार जनता की सेहत को लेकर चिंतित है. इसी के मद्देनजर डीजल की गाड़ियों को सीएनजी में कन्वर्ट करने की तैयारी की जा रही है, ताकि पटना की हवा सही की जा सके. राजधानी पटना से लेकर प्रखंड तक सिर्फ सीएनजी बसें चलें, इसके मद्देनजर काम भी शुरू कर दिए गए हैं. डीजल से चलनेवाली प्राइवेट और सरकारी बसों को इसी वित्तीय वर्ष में सीएनजी में कन्वर्ट किया जाएगा.