सहारा इंडिया में फंसे हैं आपके भी पैसे, तो सरकार द्वारा जारी इस नंबर पर करें कॉल जानिये डिटेल्स….

Sahara India Investor’s Refund Status 2022 : अपने खर्चों और वित्तीय जरूरतों को सही से चलाने के लिए बचत करना बेहद जरूरी होता है। बचत करने से भविष्य में आकष्मिक जरूरतों को पूरी करने में काफी आसानी होती है. लेकिन इन अभी चीजो के बीच सहारा इंड‍िया (Sahara India) में लाखों लोगों के पैसे फंसे हुए हैं. लाखों लोगों ने इस भरोसे सहारा में अपना पैसा निवेश किया था कि हमारा आने वाला कल बेहतर हो उन्हें उम्मीद थी कि मैच्योरिटी पीरियड के बाद कंपनी इस पैसे को वापस करेगी तो वे इस पैसे से अपने अधूरे सपने, अधूरे कार्य पूरे करेंगे, लेकिन हुआ इसका ठीक उल्टा। हू कम्पनी समय पूरा होने के बाबजूद भी पैसा वापस नहीं कर रही है |

जानकारों की माने तो कभी देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार रही सहारा परिवार में देश के लाखो लोगो ने निवेश किया था परन्तु कंपनी के कामकाज में पारदर्शिता ना होने और वित्तीय अनियमितता के कारण लोगो के पैसे फँस गए थे। अब झारखण्ड सरकार द्वारा इन सभी लोगो को राहत देते हुये हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया गया है। इस नंबर पर ना सिर्फ सहारा परिवार बल्कि दूसरी वित्तीय कंपनियों और सहकारी संगठनो के धोखाधड़ी के खिलाफ भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।

आपको बता दे की सरकार द्वारा लोगो के रिफंड को लेकर कड़े कदम उठाये जा रहे है ऐसे में सभी निवेशकों को भी अपनी रकम को वापस मिलने की आस जगी है। झारखंड सरकार के वित्त विभाग ने नॉन बैंकिंग कंपनियों और कॉर्पोरेटिव सोसाइटी के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाने के लिए एक पुलिस हेल्प लाइन नंबर 112 जारी किया है। जिसके तहत जिन लोगों ने सहारा इंडिया परिवार में पैसा जमा किया है और वह अब शिकायत करना चाहते हैं तो वह इस हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके इसका लाभ उठा सकते हैं।

बताते चले की यदि आप भी झारखंड के रहने वाले हैं और सहारा में आपका भी पैसा फंसा है तो अब निराश होने की जरूरत नहीं है। सरकार अब सहारा इंडिया के रिफंड को लेकर एक्शन मोड में है। आपको बता दें कि सहारा के पीड़ित निवेशकों से शिकायत मिलने के पश्चात राज्य वित्त विभाग सीआईडी (आर्थिक अपराध शाखा, झारखंड) के साथ मिलकर इस शिकायत की जांच करेगा एवं शिकायतों के निस्तारण में सहायता करेगा।

डाटा ट्रेस नहीं हो पा रहा : वही इसको लेकर सरकार ने बताया क‍ि बाकी शेष आवेदन या तो SIRECL और SHICL द्वारा उपलब्ध कराये गए दस्तावेजों और डाटा में उनका रिकॉर्ड ट्रेस नहीं हो पाने के कारण या सेबी द्वारा पूछे गए प्रश्नों को लेकर बांडहोल्डर्स से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं होने के कारण बंद कर दिए गए.