भारतीय रेलवे: ट्रेन टिकट कैंसिल करते समय नहीं कटेगा ज्यादा चार्ज, जान लें रेलवे के ये नियम

ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बहुत ही बड़ी खबर है. बता दे की देश में ट्रेनों का परिचालन शुरू होने के बाद से भारतीय रेलवे के नियमों में लगातार बदलाव हो रहा है. खास बात यह है की अपनी यात्रा को सुखद बनाने के लिए लोग पहले से रेल टिकट भी बुक कराते हैं, ताकि सफर के दौरान उन्हें कोई परेशानी नहीं हो. हालांकि, कई बार किन्हीं कारणों से लोगों को अपना सफर रद्द करना पड़ता है. ऐसे में लोग अपना पैसा वापस पाने के लिए ट्रेन टिकट को भी कैंसिल करा देते हैं. अब ऐसी स्थिति में आपके लिए इससे जुड़ा रेलवे का नियम जानना जरूरी हो जाता है, ताकि आप ज्यादा चार्ज कटने से बच सकें.

क्यों जरूरी है नियमों को जानना : आपको बता दे की किसी कारण से आपको भी अगर अपना सफर कैसिंल करना पड़ जाए और आप ट्रेन टिकट रद्द कराने की सोच रहे हैं तो पहले आपके लिए रेलवे के नियम को जानना जरूरी है, जिसमें अलग-अलग क्लास के लिए अलग कैंसिलेशन चार्ज तय किया गया है. इन नियमों को जानकर आप अपने काफी हद तक पैसे बचा सकते हैं.

यहां जानें कैंसिलेशन के लिए क्या है नियम

  • अगर बाढ़ जैसी स्थिति की वजह से ट्रेन कैंसिल होती है, तो ऐसे में यात्री को टिकट का पूरा रिफंड मिलता है. बशर्ते इसके लिए आपको यात्रा के तीन दिन के अंदर अपनी टिकट को कैंसिल करवाना होता है. वहीं, 12 घंटे पहले कंफर्म टिकट कैंसिल कराने पर 25 फीसदी चार्ज और ट्रेन के स्टेशन छोड़ने के 12 से 4 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल कराने पर ये चार्ज 50 फीसदी लगता है.
  • कंफर्म टिकट को ट्रेन छूटने से 48 घंटे पहले तक कैंसिल करा सकते हैं. इसमें आपको एसी फर्स्ट क्लास के लिए 240 रुपये, एसी टू टियर के लिए 200 रुपये, स्लीपर क्लास के लिए 120 रुपये, टू सिटर के लिए 60 रुपये, एसी थ्री टियर और एसी चेयर कार के लिए 180 रुपये का कैंसिलेशन चार्ज देना होता है.
  • अगर आप वेटिंग या आरएसी की स्लीपर क्लास की टिकट को ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक कैंसिल करा लेते हैं, तो ऐसे में आपके टिकट पर 60 रुपये कैंसिलेशन चार्ज के रूप में काटे जाते हैं.
  • अगर आप तत्काल टिकट को कैंसिल कराने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए जानना जरूरी है कि रेलवे के नियम के मुताबिक इसमें आपको कोई रिफंड राशि नहीं मिलती है.