मछली पालन के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं कटिहार के किसान, बिहार सरकार इस स्कीम से बन रहे हैं आत्मनिर्भर

तेजी से बदल रही तकनीक के साथ हर किसी को खुद को बदलना जरूरी है। अगर तकनीक के साथ आगे नहीं बढेंगे तो पिछड़ जाएंगे। एक आम किसान (Farmer) भी थोड़ी बहुत खेती से अच्छी खासी कमाई (Farmers Income) कर सकता है. कटिहार के किसानों को अब मौसमी फसलों और पारंपरिक खेती से अलग हटकर मछली पालन करने का सीधा लाभ मिलने लगा है. उनके इस नए व्यवसाय में सरकार भी साथ खड़ी दिख रही है. पहले यहां के किसान छोटे स्तर पर गांव के तालाबों में मछली पालन किया करते थे और आस-पास के बाजारों में ही उनकी मछली बिक जाया करती थी. हालांकि परिवहन की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां के किसान कटिहार से बाहर अपनी मछली ले जाकर नहीं बेच पाते थे. जिसके बाद डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद और ग्रामीण कार्य मंत्री श्रवण कुमार के प्रयासों से अब किसानों को फायदा मिल रहा है.

16 प्रखंड से चिन्हित 23 कृषकों के बीच वाहन का वितरण : आपको बता दे की बिहार के कटिहार के विकास भवन में बिहार के डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद और ग्रामीण कार्य मंत्री श्रवण कुमार की मौजूदगी में जिले के 16 प्रखंड से चिन्हित 23 कृषकों के बीच दो पहिया और चार पहिया वाहनों का वितरण किया गया. अपने व्यवसाय के लिए गाड़ी की चाबी लेते हुए किसान काफी खुश दिखे. खास बात ये कि किसानों को जो वाहन दिए गए हैं वो 90 फीसदी अनुदान पर दिए गए हैं. जिसका मतलब है कि उन्हें इस गाड़ी की खरीद पर आई लागत का दस प्रतिशत ही वापस चुकाना है और फिर वो गाड़ी के मालिक बन जाएंगे.

मछली पालकों की ‘उड़ान को लगे पंख’ : बताया जा रहा है की बिहार सरकार के सहयोग के बाद अब उनकी उड़ान को पंख लग गए हैं और अब वो ना सिर्फ कटिहार जिले से बाहर बल्की दूसरे राज्यों में भी अपनी मेहनत की कमाई को खपाने में सक्षम हैं. सीएम मत्स्य योजना के तहत कृषकों की जो मदद की गई है उससे उनकी आर्थिक आमदनी बढ़ने के साथ ही मुनाफा भी कई गुना बढ़ जाएगा. खास बात ये है कि जो किसान पहले केवर तालाब में ही मछली पालन कर पाते थे, वो अब सरकार की योजनाओं के कारण और उत्साहित हुए हैं, अब यहां के किसान जलजमाव और निचले क्षेत्र में भी मछली पालन शुरू कर चुके हैं. वही बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी मत्स्य योजना से किसान लाभान्वित हो रहे हैं.