दाखिल-खारिज की परेशानी जल्द होगी खत्म, सरकार ने किए ये इंतजाम, बहुत कोशिशों के बावजूद बिहार में 7.64 लाख मामले हैं लंबित

बिहार के लोगों के लिए यह बहुत ही अच्छी खबर है बता दे की बिहार में दाखिल ख़ारिज की समस्या बहुत जल्द होगी दूर बिहार सरकार अपनी ओर से वोम सारी काम कर रही है जिससे दाखिल ख़ारिज की समस्या में बाधा न हो | उसके बाद भी एक रिपोर्ट के अनुसार आपको बता दे की दाखिल खारिज के लिए पिछले एक साल में 25 लाख 34 हजार 896 दाखिल खारिज के आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 17 लाख 70  हजार 242 का निपटारा किया गया। वर्तमान में 7 लाख 64 हजार 654 दाखिल खारिज के मामले लंबित हैं।

566 राजस्व अधिकारियों का चयन : आपको बता दे की बिहार में सभी अंचलों में दाखिल खारिज के लंबित मामलों के निपटारे में राजस्व अधिकारी सहयोग करेंगे। बिहार लोक सेवा आयोग के 64वीं संयुक्त बैच में 566 राजस्व अधिकारियों का चयन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के लिए हुआ है। इनमें 442 राजस्व अधिकारियों को प्रशिक्षण के बाद विभिन्न अंचलों में तैनात कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार राज्य के सभी 534 अंचलों में राजस्व अधिकारी तैनात किए जाएंगे।

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बताया जा रहा है की कुछ चयनित राजस्व अधिकारियों का डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन में विलंब हो रहा है जबकि कुछ ने पदभार ग्रहण करने में रुचि नहीं दिखाई है। एक माह के प्रशिक्षण सत्र में विभिन्न विषयों जैसे चकबंदी, भू-अर्जन, भूमि-सर्वेक्षण और विभिन्न एक्ट और रूल्स की जानकारी दी गई है। इन राजस्व अधिकारियों को शास्त्रीनगर, पटना स्थित राजस्व सर्वे प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षित किया गया है।

अंचल अधिकारी को हर कार्य में करेंगे सहयोग : बिहार में सभी अंचलाधिकारी को मिलेंगे पहले की अपेक्षा और सारी सुविधाए इस समस्या को निपटारा कर्मणे के लिए दाखिल खारिज कार्य के अतिरिक्त विधि व्यवस्था को बनाए रखने, फसल का आकलन, फसल क्षति का आकलन सहित अन्य आवंटित कार्यों का निपटारा भी अंचल स्तर से राजस्व अधिकारी के माध्यम से ही किया जाएगा।

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राजस्व अधिकारी की अनुशंसा पर अंचलाधिकारी अंतिम निर्णय लेंगे। विभागीय सूत्रों के अनुसार पूर्व में सीआई को सौंपे गए कार्यों की जिम्मेदारी राजस्व अधिकारी को सौंपी गयी है। इनकी तैनाती से अंचल कार्यालयों में लंबित कार्यों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है।