बिहार बोर्ड एग्जाम: पढ़ाई में बेटों की तुलना में तेजी से बढ़ी बेटियों की संख्या, जानें क्या कहते हैं आंकड़ें

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा बोर्ड की आयोजित परीक्षाओं में बेटों की अपेक्षा बेटियों की संख्या बढ़ी है। बता दे की मैट्रिक की परीक्षा में पिछले साल बेटियों की संख्या बढ़ी थी लेकिन इस बार स्थिर है। इंटरमीडिएट की परीक्षा में 2021 में कुल 43700 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। वहीं 2022 में कुल 45 हजार 461 परीक्षार्थी शामिल होंगे। जिसमें से पिछले साल 23671 छात्र थे जो इस बार मात्र 565 बढ़कर 24236 हो गये। 

मीडिया रिपोर्ट की माने तो छात्राएं पिछले साल 20029 थी जबकि इस बार यह संख्या 1196 बढ़कर 21225 हो गई है। यानी पिछले साल से छात्रों की संख्या में ढाई फीसदी से भी कम की वृद्धि हुई है तो वहीं छात्राओं की संख्या में करीब छह फीसदी का इजाफा हुआ है। मैट्रिक की परीक्षा में भी देखा जाये तो इस बार कुछ परीक्षार्थियों की संख्या कुछ घटकर 48006 हो गयी है। लेकिन इस बार भी कुल परीक्षार्थियों की संख्या में छात्राओं की संख्या पिछले साल की तरह इस बार भी करीब 49 फीसदी ही रही। वहीं छात्रों की संख्या भी करीब 50 फीसदी ही रही।

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आगे की पढ़ाई में भी बढ़ेंगी लड़कियां : आपको बता दे की जिला गर्ल्स इंटर स्कूल के प्राचार्य डॉ. सुभाष कुमार झा ने कहा कि इंटरमीडिएट की परीक्षा में ज्यादा छात्राओं के आने से आगे की पढ़ाई में भी छात्राओं की संख्या बढ़ेगी जो एक अच्छा संकेत है। सिर्फ उच्च शिक्षा में ही नहीं तकनीकि और व्यावसायिक शिक्षा में भी छात्राओं की संख्या बढ़ेगी। लेकिन इंटरमीडिएट की कक्षा में छात्राओं की संख्या बढ़ना अच्छी बात है।