बिहार में अब नहीं होगी पानी की कमी, नए साल से पंचायती राज विभाग करने वाला है यह काम

बिहार के लोगों के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर सामने आ रही है. बता दे की नए साल में पांच जनवरी को एक साथ सभी जिलों में कुओं के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू होगा। सात दिनों में अभियान चलाकर जीर्णोद्धार कार्य पूरा किया जाएगा। हर कुएं के नजदीक सोख्ता का निर्माण भी छह जनवरी से शुरू होगा। इसको लेकर पंचायती राज विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किया है। 55 हजार से अधिक कुओं का जीर्णोद्धार करना बाकी है।

जानकारी के अनुसार जिलाधिकारियों को लिखे पत्र में विभाग ने कहा है कि जल-जीवन-हरियाली अभियान की समीक्षा में पाया गया है कि कुओं के जीर्णोद्धार और सोख्ता निर्माण कार्य की प्रगति काफी धीमी है। इसलिए जिलाधिकारी अपने नेतृत्व में उक्त अवधि में जीर्णोद्धार और सोख्ता निर्माण का कार्य शुरू करने की सारी तैयारी करा लें। बताया जा रहा है की ये सभी कार्य ग्राम पंचायतों में कार्यरत तकनीकी सहायकों की देख-रेख में पूरे कराए जाएंगे।

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आपको बता दे की साथ ही इसकी मॉनिटरिंग जिलों-प्रखंडों में तैनात पंचायती राज के पदाधिकारी करेंगे। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 70 हजार कुओं के जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी पंचायती राज विभाग को मिली थी, जिनमें करीब 15 हजार में काम शुरू है या जीर्णोद्धार कर दिया गया है। शेष 55 हजार का जीर्णोद्धार अभियान चलाकर किया जाएगा। जीर्णोद्धार के तहत जो कार्य होंगे, उस पर प्रति कुआं औसतन 62 हजार खर्च आएगा।

  • जीर्णोद्धार के तहत ये कार्य होंगे
  • सबसे पहले कुएं की उड़ाही और सफाई
  • कुएं की दीवार की अच्छी तरह मरम्मत कर ऊपर में प्लेटफॉर्म और चबूतरा बनाना
  • कुओं को जाली से ढकना
  • पानी निकालने के लिए जाली में जगह भी बनी रहेगी
  • चेन पुली भी लगाई जाएगी
  • समीप में सोख्ता का निर्माण होगा
  • कुएं का पानी उपयोग होने के बाद सोख्ता में जाएगा, ताकि भू-जल स्तर मेंटेन रहे
  • इसके बाद कुओं की रंगाई की जानी है
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