बिहार में जल्द दूर होगा बालू संकट, निर्माण क्षेत्र में लौटेगी रौनक

बिहार के आरा में बालू संकट के कारण सुस्त पड़े निर्माण क्षेत्र में जल्द रौनक लौटने वाली है। साथ ही सोन के लाल बालू के भरोसे घर चलाने वाले कामगारों के घरों में भी खुशियां आने वाली है। आपको बता दे की शुक्रवार को जिले के विभिन्न 16 बालू घाटों की बंदोबस्ती पूरी हो गई। पहले चार बालू घाटों को हुई थी। सभी मिलाकर 20 बालू घाटों की बंदोबस्ती बिहार राज्य खनन निगम लिमिटेड की ओर से ई-निलामी के माध्यम से हो गई।

बताया जा रहा है की इसमें विभिन्न 14 बालू घाटों के ठेकेदारों ने मानक राशि जमा भी कर दी है। दस्तावेज संबंधी जारी प्रक्रिया पूरी करने और एग्रीमेंट करने के बाद बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रक पार्षद से सीटीओ (कन्सेंट टू आपरेट) मिलने का इंतजार है। बता दे की सीटीओ से मिलते ही बालू खनन शुरू हो जाएगा और जिले में बालू की उपलब्धता तय की जाएगी। आगामी सप्ताह में सभी घाटों पर खनन होने की उम्मीद जतायी गई है। इन घाटों को पर्यावणाीय स्वीकृति पहले से मिली हुई है। इसलिए आवंटित बालू घाटों पर खनन वैध होगा।

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विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जनवरी के दूसरे सप्ताह तक अन्य घाटों की भी ई-निलामी से खनन का अधिकार मिल जाएगा। हालांकि, जिला खनन विभाग ने विभिन्न 53 बालू घाटों की बंदोबस्ती के लिए सूची पटना भेजी थी। बताते चले की इस लिहाज से अभी 33 घाटों की निविदा प्रक्रिया को पूरा किया जाना बाकी है। हालांकि, 20 घाटों से ही खनन शुरू होने के बाद बाजार में बालू की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।