देश के 10 सबसे लंबे ब्रिज मे से 5 बिहार मे, ये हैं बिहार के 5 सबसे लंबे ब्रिज

इन दिनों बिहार खुद को विकसित राज्यों के श्रेणी में लाने की भरपूर कोशिश कर रहा है. यही कारण है की बिहार में विकास बहुत तेज गति से हो रहा है। जैसा की पता होगा किसी भी राज्य को विकसित बनाने में वहां के रोड नेटवर्क एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। ऐसे में आपको जानकर हैरानी होगी कि देश के 10 सबसे लंबे ब्रिज के लिस्ट में बिहार के 5 ब्रिज शामिल है। जिससे बेहद साफ है कि बिहार का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर खूब तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। इसके अलावा आपको ये भी बता दें कि देश का सबसे बड़ा ब्रिज भी बिहार में ही बनाया जा रहा है जो कि कच्ची दरगाह से बिदुपुर के बीच होगा। तो चलिए आज हम आपको बताते है. बिहार के उन 5 लंबे ब्रिज के बारे में

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बताया जा रहा है बिहार का आरा छपरा ब्रिज का है जो कि देश के सबसे लंबे ब्रिज की सूची में नौंवे स्थान पर है और बिहार का चौथा सबसे लंबा ब्रिज है। आपको बता दें की इस ब्रिज का निर्माण आरा से छपरा के बीच गंगा नदी पर किया गया है और इसकी लंबाई लगभग 4.3 किलोमीटर है। इसके अलावा 860 करोड़ रुपये की लागत से बने इस ब्रिज को बनाने में लगभग 7 साल लगे थे ।

बता दे की देश का आंठवा सबसे लंबा ब्रिज और बिहार का तीसरा सबसे लंबा ब्रिज दीघा सोनपुर ब्रिज है। आपको बता दें कि 4.5 किलोमीटर की लम्बाई और 1570 करोड़ की लागत में बनने वाले इस ब्रिज को पटना के गंगा नदी पर बनाया गया है और इसे बनाने में लगभग एक दशक से भी ज्यादा समय लगा । वही अगर बात करें इस ब्रिज के नेटवर्क की तो यह ब्रिज बिहार की राजधानी पटना में स्थित है जो कि पटना को सोनपुर से जोड़ता है।

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आपको बता दे की बिहार के विक्रमशिला सेतु जो कि देश का छठा सबसे लंबा ब्रिज और बिहार का दूसरा सबसे लंबा ब्रिज है। भागलपुर के गंगा नदी पर बना ये ब्रिज करीब 4.7 किलोमीटर लम्बा है। इसे साल 2001 में इसे आम लोगों के यूज़ के लिए खोला गया था।

महात्मा गांधी सेतु बिहार के पटना मे गंगा नदी पर बना हुआ है, यह दक्षिण में पटना को उत्तर में हाजीपुर से जोड़ता है। इसकी लंबाई 5,750 मीटर है । यह भारत का तीसरा सबसे लंबा नदी पुल है। इसका उद्घाटन मई 1982 में तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी द्वारा हाजीपुर में एक समारोह में किया गया था।

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