सामाजिक बंदिशों को तोड़ते हुए सीमा ने थामा इलेक्ट्रिक रिक्शा का हैंडल, इस idea से अब कमाती है लाखों में

मत सुन लोगों की लोगो का काम है कहना. भारत के जम्मू कश्मीर के नागरोटा में रहने वाले सीमा देवी ने अपने पति को मदद करने के लिए ई रिक्शा चलाने लगी. लोग और समाज के परवाह किए बिना ही सीमा देवी ने इलेक्ट्रिक रिक्शा चलाने का फैसला किया. सीमा की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी. जिसके कारण उनको इलेक्ट्रिक रिक्शा चलाना पड़ा.

सीमा देवी 3 बच्चे की मां है. पहले सीमा बच्चे का पालन पोषण ,परिवार का ध्यान रखती थी. पति को देख दिन रात मेहनत करते हुए, सीमा ने अपने पति के मदद के लिए इ रिक्शा चलाने की ठान ली और वह जम्मू कश्मीर के पहली महिला ई रिक्शा चालक बन गई. सीमा ने बिना समाज के परवाह किए सीमा देवी ने अपने परिवार को आर्थिक रूप से ठीक करने के लिए नागरोटा और आसपास के क्षेत्रों में रिक्शा चलाना शुरु कर दिया.

सीमा देवी के बेटा का उम्र 15 वर्ष है . इनको दो बेटी है. पहली बेटी का उम्र 14 साल और दूसरी बेटी का उम्र 12 साल है . सीमा देवी ने बताया कि पति ने EMI रिक्शा खरीदने के लिए ₹30000 लोन लिए थे. साथ ही मेरे पति ने मुझे रिक्शा चलाना सिखाया.वो आगे कहती है अब मै अपने पती के साथ-साथ कश्मीर में रिक्शा चलाती हूँ.