बिहार को पहला एक्सप्रेसवे की सौगात, औरंगाबाद पटना समस्तीपुर जयनगर होते हुए नेपाल तक जाएगी

भारतमाला परियोजना के तहत देश के सभी प्रमुख शहरों और अधिकांश राज्यों को जोड़ा जा रहा है. इसके तहत कही रिंग रोड बनाया जा रहा है तो कही एक्सप्रेसवे बनाया जा रही है. इसी में बिहार को एक एक्सप्रेसवे की सौगात मिल गई है. बिहार के जयनगर से औरंगाबाद के लिए भी एक एक्सप्रेसवे इसी परियोजना का हिस्सा है.

दरभंगा – आसम एक्सप्रेसवे की कुल लम्बाई 271 किमी है. यह एक्सप्रेसवे बिहार के करीब 7 जिलों से होकर गुजरेगा. इससे बिहार के दो हिस्से उत्तर और दक्षिण के बीच आवागमन सुगम हो जायेगा. इसको चार फेज में पूरा कर लिया जायेगा. पहले दो फेज का टेंडर कार्य हो चूका है. फेज 1 और फेज 2 के लिए निर्माण एजेंसी का चयन भी कर लिया गया है.

271 किमी लम्बी इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत नेपाल से सटे जयनगर से होगी. फिर वहां से दरभंगा एयरपोर्ट के करीब से गुजरते हुए समस्तीपुर के महुआ होकर चकसिकंदर और बिदुपुर वाले 6 लेन पुल होते हुए वैशाली जिला में इंटर करेगी. फिर यहाँ से यह एक्सप्रेसवे पटना एयरपोर्ट के बगल वाली कच्ची दरगाह होते हुए नालंदा और जहानाबाद जिला के सीमावर्ती इलाके से गुजरेगी. फिर यहाँ से गया एयरपोर्ट होते हुए औरंगाबाद के मदनपुर में खत्म हो जाएगी.

यूँ तो भारत की अधिकांश एक्सप्रेसवे कई राज्यों को जोडती हुई बनती है. लेकिन यह बिहार का पहला एक्सप्रेसवे है जो एक राज्य के अन्दर ही 7 जिला को एक साथ जोड़ेगी. वर्ष 2024 तक इसका काम पूरा कर लिया जायेगा. टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. सबसे बड़ी बात इस सड़क परियोजना में यह है की ये नेपाल को भी यातायात की सुविधा प्रदान करगी.