खाने के तेल हो गए सस्ते, 35 फीसदी फिसले रेट्स, आइए चेक करें 1 लीटर का भाव

खाने पिने के चीजो के बढ़ते दामो के बीच आम आदमी के लिए राहत भरी खबर है. बता दे की ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतों में भारी गिरावट की वजह से दिल्ली तेल-तिलहन मार्केट में भी सोमवार को गिरावट रही है. खास बात यह है की खाने वाले तेल की कीमतें गिर गई हैं. मलेशिया एक्सचेंज में सुबह के कारोबार में लगभग 8 फीसदी की गिरावट आने की वजह से तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट रही है. इसके अलावा शिकागो एक्सचेंज सोमवार को बंद रहा है.

35 से 40 फीसदी सस्ता हुआ तेल

मीडिया रिपोर्ट की माने तो इस जोरदार गिरावट से खासकर सोयाबीन डीगम, सीपीओ, पामोलीन जैसे आयातित तेलों के दाम पिछले एक महीने में लगभग 35-40 फीसदी टूटे हैं. देशी तेलों के दाम पहले से मंदा चल रहे थे इसलिए गिरावट के दबाव में दाम तो टूटे हैं, पर आयातित तेलों के मुकाबले देशी तेल की गिरावट मामूली है.

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मूंगफली के भाव पूर्वस्तर पर रहे

बताया जा रहा है की बिनौला में कारोबार लगभग समाप्त हो चला है और नमकीन बनाने वाली कंपनियां या गुजरात में उपभोक्ता बिनौला तेल की कमी को मूंगफली से पूरा कर रहे हैं. आपको बता दे की इस वजह से मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे. खबरों की माने तो आयातकों की हालत बहुत खराब है और बंदरगाहों पर उनका माल पड़ा है. आयातक पहले ही बाजार के दाम टूटने से कम भाव पर बिक्री को मजबूर थे. सोमवार की भारी गिरावट ने उनकी कमर तोड़ दी है और बैंकों से इन आयातकों द्वारा लिया गया कर्ज का डूबने की आशंका पैदा हो गई है.

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