खाने के तेल के भाव में आई गिरावट, कंपनियों ने प्रति लीटर ₹15-20 घटाए दाम

खाने पिने के चीजो के बढ़ते दामो के बीच आम आदमी के लिए राहत भरी खबर है. खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने बुधवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय दरों में नरमी और सरकार के समय पर हस्तक्षेप के कारण खुदरा बाजार में खाद्य तेल की कीमतें (Edible Oil Price) कम आने लगी है.

अडाणी विल्मर और मदर डेयरी ने घटाए दाम

आपके जानकारी के लिए बता दे की सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस महीने की शुरुआत से देश भर में मूंगफली के तेल को छोड़कर, डिब्बाबंद खाद्य तेलों की औसत खुदरा कीमतों में थोड़ी कमी आई है और यह 150 से 190 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच बनी हुई है. पिछले हफ्ते, खाद्य तेल कंपनियों- अडाणी विल्मर और मदर डेयरी ने विभिन्न प्रकार के खाद्य तेलों के लिए एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) में 10-15 रुपये प्रति लीटर की कमी की. दोनों कंपनियों ने कहा कि नए एमआरपी वाला स्टॉक जल्द ही बाजार में आएगा.

खुदरा गेहूं और गेहूं के आटे की कीमतें भी स्थिर

खास बात यह है की पांडे ने कहा कि सरकार के समय पर हस्तक्षेप और वैश्विक घटनाक्रम के कारण खाद्य तेलों की कीमतों में रुझान बहुत सकारात्मक है. न केवल खाद्य तेल, खुदरा गेहूं और गेहूं के आटे की कीमतें भी स्थिर हैं, उन्होंने कहा कि घरेलू कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए नियम उपयोगी रहे हैं.