खाद्य तेल की कीमतों में आई गिरावट, जानिए अब क्या है 1 लीटर सरसों तेल की नई कीमत

एक तरफ पूरा देश महामारी से परेशान है तो वहीँ दूसरी और महंगाई बढ़ी हुई है आम जनता महंगाई से भी बहुत परेशान है | बता दे की देश में जहां लगातार जरुरी सामनों की कीमते बढ़ती जा रही है। तो वहीं, कोरोना के चलते लोगों का काम धंधा भी ठप्प हो गया है। ऐसे आम आदमी करें तो क्या करे। हालांकि इस बीच आम जनता के लिए एक राहत की खबर आई है। पिछले महीनों आसमान छू रहे खाद्य तेल की कीमतों (Edible Oil Prices) में कमी देखने को मिली है।

खास बात यह है की दिल्ली के तेल-तिलहन बाजार में अब तक जो सरसों का तेल 160 से 170 रुपए प्रति किलो के भाव में मिल रहा था। उसकी कीमतों में अब 30 से 40 रुपए की कटौती कर दी गई है। इसी के साथ ही सोयाबीन तेल, सीपीओ, पामोलीन सहित बाकी सभी तेल-तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए।

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आपको बता दे की एक तरफ जहां जनता को सरसों के तेल की कीमतों (Mustard Oil Price) में थोड़ी राहत मिली है। वहीं, तेल कारोबारियों को काफी नुकसान भी उठाना पड़ा है। बाजार के सुत्रों के मुताबिक कारोबारियों का कहना है कि, महाराष्ट्र के धुरिया में प्लांट वाले सोयाबीन दाना 6,625-6,650 रुपये क्विन्टल की कीमत पर खरीद रहे हैं। इससे सोयाबीन दाना एवं लूज के भाव में सुधार आया।

बताया जा रहा है की इससे मिल वालों को सोयाबीन का कारोबार में पड़ता नहीं बैठ रहा है। ऐसे में उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बाजार में भाव पेराई की लागत से कहीं सस्ता होने से मिलों को पेराई के बाद तेल सस्ते में बेचने को बाध्य होना पड़ रहा है। मिल वालों, संयंत्रों, आयातकों सभी को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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