महंगाई से लोगो की हो रही जेब ढीली सरसों तेल 200 पार वहीं मसूर दाल भी लगाई सेंचुरी।

गरीबी एक ऐसी चीज है जिसमे इंसान की कोई बुद्धि काम नहीं करती गरीबी बढ़ने का एक कारण महंगाई भी है | आपने तो देखा ही होगा की मार्केट में कैसे चल रही है दाल और तेल की रेट अगर नही तो आपको बता दे की खाने वाले दाल मसूर दाल भी सतक लगा दिया है | वहीँ सरसों तेल रो २०० के पार था ही | अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। व्यापारियों की मानें तो अब होली के पहले तक इसके दाम में कमी होने की कोई उम्मीद नहीं है। क्योंकि होली के बाद ही नई फसल निकलकर आएगी।

बीच में जून जुलाई के महीनों में सरसों तेल के दामों में कुछ कमी आई थी। यह ₹170 से ₹180 प्रति लीटर की दर से बिकने लगा था। लेकिन फिर से 200 के पार पहुंच चुका है। बाजार में पंछी और फार्च्यून का सरसों तेल ₹200 प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं 500 मिलीलीटर की बोतल ₹110 में बिक रही है। इसके अलावा रिफाइंड ऑयल में भी तेजी देखी गई। फॉर्चून का रिफाइंड ऑयल ₹170 से ₹180 प्रति लीटर बिक रहा है। इससे सबसे ज्यदा परेशानी मजदूर वर्ग के लोगो को होती है जो रोज कमाते है रोज खाते है |

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हर परिवार की दैनिक जरूरतों की चीजें लगातार महंगी होती जा रही है। अब चीनी ने भी रफ्तार पकड़ लि है। खुदरा बाजारों में 4 से ₹5 प्रति किलो की दर से बढ़कर अब चीनी ₹45 प्रति किलो बिक रही है। बताया जा रहा है कि ऐसा गन्ने के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि के कारण हुआ है इसके बाद चीनी मिलों ने चीनी का दाम बढ़ा दिया है।