झुग्गी झोपडी के गरीब बच्चों को पढ़ाते-पढ़ाते मिली IAS बनने की प्रेरणा, पिता की मामूली नौकरी, बेटी बनी आईएएस अधिकारी

आज के दौर में I.A.S अधिकारी बनना काफी मुश्किल बात हो गई है. इसके लिए सबसे कठिन परीक्षा UPSC (Union Public Service Commission) को क्लियर करना पड़ता है. IAS (Indian Administrative Service) बनने के लिए अपने अंदर जुनून के साथ मेहनती दृढ इच्छा शक्ति होनी चाहिए. . ऐसे में कुछ खुश किस्मत लोग ही अपना सपना पूरा कर पाते है. ऐसे ही 23 साल की सिमी करण है जो अपनी मेहनत से सपना पूरा कर ली.

सिमीकरण ओडिशा में रहने वाली है. सिमीकरण अपनी पढ़ाई छत्तीसगढ़ के भिलाई से प्राप्त किया था. उनके पिता स्टील प्लांट में काम करते थे. और उनकी मां एक शिक्षिका थी. सिमी करण ने 12वी के बाद में मन में ठान ली की वह UPSC (Union Public Service Commission) की तैयारी करेगी. लेकिन सिमी UPSC तैयारी करने के पहले इंजिनियरिंग के लिए आईआईटी बॉम्बे में एडमिशन लिया.

सिमी करण हमेशा से समाजसेवी विचार धारा की रही है. समाजसेवा करने के लिए UPSC की तैयारी कर IAS अधिकारी बनने की ठान ली थी. जब IIT बॉम्बे से पढ़ाई कर रही थी, उस समय आसपास की झुग्गी और झोपड़ियों में रहने वाले गरीब बच्चों को पार्ट टाइम पढ़ाती थी. सिमी करण पढ़ाते हुए IAS बनने का सपना देखी थी.

इंडिया टाइम्स के रिपोर्ट के अनुसार सिमी ने यूपीएससी की परीक्षा के लिए खूब तैयारी की. आखिरकार 2019 में उनका सपना साकार हो गया. उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में ऑल इंडिया में 31 वी रैंक लाकर आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा कर रही है.

लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन ने एक अधिकारी ट्वीट के जरिए मिली जानकारी के अनुसार IAS OT नॉर्थ ईस्ट (असम मेघालय) का बेस्ट परफॉर्मिंग ऑफिसर ट्रेनि LV रेडी मेमोरियल अवार्ड और सर्टिफिकेट दिया गया फिलहाल वह दिल्ली में सहायक सचिव के पद पर तैनात है.