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हमारे भारत देश में आजकल भविष्य के ट्रांसपोर्ट की जोर शोर से चर्चा हो रही है. जिससे आपका सफर तो सुहाना होगा वहीं आपका कीमती वक्त भी बचा करेगा. इसी के साथ आपको ट्रेनों की भीड़भाड़, बसों के झटके और हवाई जहाज में बैठने पर लगने वाले डर से भी निजात मिल जाएगी. आपसे अगर कहा जाए कि दिल्ली से बिहार या बिहार से दिल्ली आप डेढ़ घंटे से भी कम समय में पहुंच सकते हैं, तो विश्वास करना मुश्किल होगा न! 1,153 किलोमीटर की दूरी महज 1 घंटा 22 मिनट में तय करना संभव होगा भला? इसका जवाब है, वर्जिन ग्रुप के पास. कंपनी की हायपरलूप तकनीक (Virgin Hyperloop) से 1000 किमी का सफर महज एक घंटे में पूरा किया जा सकता है.

खबरों की माने तो हाइपरलूप सिस्टम में लेविटेशन इंजन का इस्तेमाल होता है, जो हवा के दबाव यानी वैक्यूम से रफ्तार पकड़ता है. यह लूप एक चुंबकीय पॉड्स ट्रैक में दौड़ता है. हाल ही में जिस लूप का वीडियो जारी हुआ है उसकी रफ्तार 670 मील प्रति घंटा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इसकी रफ्तार चीन और जापान में दौड़ने वाली सुपर फास्ट ट्रेनों को भई मात देती है. देश में इस टेक्नोलॉजी का ट्रायल सफल रहा तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है. इस तकनीक में पैसेंजर 1,000 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक की रफ्तार पर सफर करते हैं.

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बताया जा रहा है की भारत में भी अगर कोई ऐसा हाइपर लूप ट्रांसपोर्ट शुरू हो जाए तो दिल्ली से बिहार तक का 1414 किलोमीटर का सफर करीब 2 घंटे या उससे भी कम समय में पूरा हो सकेगा. वहीं दिल्ली से जयपुर की 280 किलोमीटर की दूरी तो महज 15 से 20 मिनट में तय हो जाएगी. हायपरलूप ने विभिन्न शहरों के बीच यात्रा करने के समय का खुलासा किया गया है. इस तकनीक के जरिये यात्रा करने के समय में काफी बचत हो सकती है.

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