apanabihar.com 2 107 2

बिहार (bihar) में ट्रैक्टर (Tractor) पर अनुदान देने की व्यवस्था एक बार फिर शुरू हो गई। इस बार अनुदान 80 प्रतिशत रखा गया है। लेकिन यह सुविधा इस बार आम किसानों (Farmers) के लिए नहीं है। बिहार (bihar) के 13 आकांक्षी जिलों में कृषि यंत्र बैंक बनाने वाले किसान (Farmers) समूहों को ही इसका लाभ मिलेगा। दूसरे किसान (Farmers) वहां से अपने इस्तेमाल के लिए सस्ती दर पर किराये पर ट्रैक्टर (Tractor) ले सकते हैं।

आपको बता दे की केन्द्र सरकार (Central government) ने बिहार (bihar) के 13 जिलों को आकांक्षी जिला घोषित किया है। ये जिले- औरंगाबाद, गया, नवादा, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, शेखपुरा, जमुई, बांका, कटिहार, अररिया, खगड़िया, सीतामढ़ी और पूर्णिया हैं। आपको बता दे की बिहार के इन्हीं आकांक्षी जिलों में केन्द्र ने ट्रैक्टर (Tractor) पर अनुदान देने की यह नई योजना बनाई है। योजना पर अमल शुरू कर दिया गया है। इस योजना में ट्रैक्टर (Tractor) को मिलने वाले 80 प्रतिशत अनुदान की अधिकतम सीमा आठ लाख रुपये रखी गई है। चूंकि, अलग-अलग ट्रैक्टरों (Tractor) की अलग कीमत है लिहाजा, अधिकतम सीमा भी तय कर दी गई है।

Also read: बिहार के 7 जिलों में मेघगर्जन के साथ बारिश का अलर्ट, जाने अपने जिले का मौसम

Also read: बिहारवासियों को तोहफा, 2025 तक चालू हो जाएगी पटना मेट्रो रेल

योजना एक नजर में  बताते चले की बिहार (bihar) में ट्रैक्टर (Tractor) के बढ़ते व्यवसायिक प्रयोग के कारण सरकार ने इस पर अनुदान देना लगभग चार साल पहले ही बंद कर दिया है। हालांकि इस साल तो बिहार सरकार (bihar government) ने इस योजना को पूरी तरह बंद कर दिया है। लेकिन, केन्द्र सरकार (Central government) की योजना चलेगी। ऐसे ट्रैक्टर (Tractor) सामान्य यांत्रिकीकरण योजना में ट्रैक्टर (Tractor) अब भी शामिल नहीं हैं। लेकिन, केन्द्र सरकार (Central government) ने यंत्र बैंक के लिए योजना शुरू की है। सरकार का मानना है कि बैंक से केवल कृषि कार्य के लिए यंत्र दिये जाते हैं। इसका अलग व्यवसायिक उपयोग नहीं हो सकता है। लिहाजा व्यवस्था केवल यंत्र बैंकों के लिए ही की गई है।

योजना एक नजर में 

  • 13 जिलों को ही मिलेगा लाभ 
  • 80 प्रतिशत तक मिलेगा अनुदान 
  • 08 लाख रुपये अधिकतम मिलेगा अनुदान 

Raushan Kumar is known for his fearless and bold journalism. Along with this, Raushan Kumar is also the Editor in Chief of apanabihar.com. Who has been contributing in the field of journalism for almost 4 years.