apanabihar.com1 24

बिहार में सेब की खेती सुन कर आप चौंक गए होंगे. जी हा अब तक हम यही जानते आए हैं कि सेब ठंडे प्रदेशों में होता है. जैसे कि हिमाचल प्रदेश (himachal pradesh) या कश्मीर लेकिन अब सेब (Apple) की खेती बिहार में भी शुरु हो गई। इसे सुनकर यकीन करना थोड़ा मुश्किल है, पर यह सच है। बिहार के बेगुसराय (Begusarai) ज़िले में यह नई खेती शुरु की गई है। बिहार के बेगुसराय के एक किसान ने यह पहल शुरु की है। बिहार के इस किसान की पढ़ाई-लिखाई बीएससी एग्रीकल्चर से हुई है। इनके खेतों में सेब के पौधे अभी महज एक वर्ष के हैं। ये पौधे एक साल बाद फल भी देने लगेंगे। सेब (Apple) की खेती ठंडे प्रदेशों में होती है लेकिन बिहार में इसे 40-45 डिग्री तापमान पर उगाया जा रहा है।

बिहार में यह पैधा कैसे तैयार होगा आपको बता दे की इसके बारे में बिहार के किसान अमित कुमार का कहना है कि उंचे तापमान के लिये एक खास प्रकार की किस्म तैयार की गई है, जिसका नाम हरमन-99 है। इस वेरायटी को ऐसे स्थान के लिये तैयार किया गया है, जहां तापमान ज्यादा गर्म हो। हरमन-99 राजस्थान में भी उगाया जा रहा है। यह खेती सफल भी हो रही है। इस लिहाज से बिहार में भी इसकी खेती की जा सकती है। अगर बात मिट्टी की की जाये तो इस बारे में बिहार के बेगुसराय के रहने वाले अमित कुमार ने बताया कि हरमन-99 वेरायटी को किसी भी प्रकार की मिट्टी में उगाया जा सकता है। चाहे वह दोमट मिट्टी हो, लाल मिट्टी हो या पथरीली मिट्टी हो। ऐसे में बिहार में भी सेव की खेती की जा सकती है। इस फसल के लिये सबसे खास बात जलवायु की भी है, जिसे ध्यान में रखते हुए हरमन-99 तैयार किया गया है।

Also read: बिहार में इस दिन से होगी झमाझम बारिश, पटना-आरा वालों के लिए खुशखबरी

Also read: बिहार के 7 जिलों में मेघगर्जन के साथ बारिश का अलर्ट, जाने अपने जिले का मौसम

बिहार में इसकी खेती करने का तरीका पौधे लगाने से पहले गड्ढा खोदा जाता है।‌ उसके बाद उसे रोगनाश्क दवा से उपचारित किया जाता है, ताकि कोई रोग न लगे। पौधे को कार्बेडाजाइम में उपचारित करके लगाया जाता है। आपको बता दे की सेब की खेती में सबसे कम खर्च है, इसमें सिर्फ समय पर सिंचाई की जरुरत होती है। हरमन-99 को हिमाचल में तैयार किया जाता है। नवम्बर से लेकर फरवरी महीने के अंत तक सेब के पौधे को लगाया जा सकता है। हिमाचल से पौधे लेकर आने के बाद उसे एक सप्ताह के अंदर ही लगा देना चाहिए। वही अब बिहार के लाल भी पीछे नहीं हटे और न्य कृतिमान रच दिए बिहार में सेव की खेती कर के |

Raushan Kumar is known for his fearless and bold journalism. Along with this, Raushan Kumar is also the Editor in Chief of apanabihar.com. Who has been contributing in the field of journalism for almost 4 years.